Kaveesha

The troughs and crests of daily and rare penned down with bougainvillea of dreams,thoughts, fantasies, compassion and frowns. Relationships, humankind and nature behaviors encrusted at one place to establish ultimately what we all desire- a connect!

Tuesday, May 5, 2020

मैं तेनु फ़िर मिलांगी

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मैं तेनु फ़िर मिलांगी कभी एक सवाल के जवाब में उभरांगी कभी एक खयाल की तस्वीर में उतरांगी मैं यहीं कहीं हर कही हर जगह तेनु मिलांगी ...
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Friday, May 1, 2020

तुम

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तुम न बिल्कुल हिमालय की ऊंची वाली चोटी जैसे हो बादलों से घिरे तुम्हे नही दिखता कब से तुम्हें ही जीतने में प्रयासरत हूँ मैं बंजारों...
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सुनो

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सुनो  कभी कभी तरस भी आता है तुमपे  प्रेम के युग को बीतते देख रहे हो  और नितांत शून्य साधे बैठे हो?  शायद तुम्हारे लिए वक़्त ठहर गया है या ...
2 comments:

संकलन

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Add caption उसने कहा मैं दुआ करूँगा तुम्हारे लिए मैंने कहा, दुआ में मांगना के मेरा दिल जुड़ जाए **************************************...
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वादा करो ख़त लिखोगे हमेशा और नीचे 'हमेशा तुम्हारा' के साथ अपना अटपटा बच्चों वाला Sign करोगे वादा करो ख़त लिखोगे हमेशा ...
Thursday, August 15, 2019

वक़्त

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मैं समय हूँ मैं कल था, मैं आज हूँ मैं कल तेरा था, आज उसका हूँ मगर कल फिर से तेरा होऊँगा मैं वक़्त हूँ मुझे ठहरना नहीं आता , मुझे ब...
Monday, August 12, 2019

लम्बी रात

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जब रात अँधेरी छायी थी, जब कोसों तक तन्हाई थी जब शोर में दबी रुलाई थी , अश्कों ने महफ़िल सजाई थी मैं चलते चलते रूकती थी और सोते सोते जगती थ...

हालात और हालत

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सुर्ख नज़रें बता रही हैं , तेरी ये सहर भी शमा सी रही धुआं उठते देखा बस हमने , हरियल एक पल में बंजर हुई हसरतों से जोड़ी एक एक पाई , छन से बि...

ख्वाहिशों का कसूर

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ख्वाहिशों की ख़्वाहिश होना भी अब बेमतलब सा लगता है तेरा भी कसूर है, ये कहना भी अब कसूर सा लगता है

अधूरे ख़त

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बहुत सारे अधूरे ख़त लिखे रखे हैं मेरी दराज़ में कुछ पूरे भी हैं, आखिर में लिखा है मेरा नाम मगर युहीं पड़े हैं, तितर-बितर, मेरी दराज़ में ...
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